खेलों से हमारा शारीरिक व मानसिक विकास होता है और हमें जीविकोपार्जन के अवसर प्राप्त होते हैं साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा भी मिलती है

 खेलों से हमारा शारीरिक व मानसिक विकास होता है और हमें जीविकोपार्जन के अवसर प्राप्त होते हैं साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा भी मिलती है

/संवाददाता बलराम/

 इसलिए युवाओं को बढ़-चढ़कर खेलों में प्रतिभाग करना चाहिए।


यह विचार जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित ने राम सेवक यादव परास्नातक महाविद्यालय चंदौली बाराबंकी में वार्षिक क्रीड़ा एवं साहित्यिक सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राम सेवक यादव इंटर कॉलेज ग्रुप के प्रबंधक डॉ विकास यादव ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। स्वस्थ रहकर ही व्यक्ति जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है, इसलिए खेल का हमारे जीवन में निर्माण में अप्रतिम योगदान है।विशिष्ट अतिथि हुमायूं नईम खान ने कहा कि बेहतर शिक्षा के द्वारा ही छात्र-छात्राएं बेहतर मुकाम को हासिल कर सकते हैं। खेल जहां मनोरंजन के साधन है वही बेहतर स्वास्थ्य में भी इनका विशेष योगदान है। 

महाविद्यालय के सचिव/प्रबंधक भारत सिंह यादव ने कहा कि खेलों से प्रतिस्पर्धा की भावनाओं का विकास होता है इससे हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।सभा की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ आर डी यादव ने कहा कि खेलो में अच्छा प्रदर्शन करने वाले युवा जहां अपना शारीरिक विकास करते हैं वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान भी बनाते हैं और धनार्जन भी करते हैं, इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं को खेल में प्रतिभाग करना चाहिए।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ0 बिलाल अहमद खान ने कहा कि खेलों का हमारे व्यक्तित्व के निर्माण में बड़ा योगदान रहता है। खेल हमारे जीवन का अनिवार्य हिस्सा है, इससे हमारे अंदर उर्जा का संचार होता है, जिससे हम आगे बढ़ते हैं।

 महाविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी अंकुर रस्तोगी के संयोजन में मुख्य अतिथि बृजेश दीक्षित व विशिष्ट अतिथि में बैडमिंटन खेलकर क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया।हिंदी प्राध्यापिका सोनम यादव के निर्देशन में छात्राओं ने रंगोली प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया, जिसमें वर्षा सिंह बीए द्वितीय वर्ष ने पहला, निशा कुमारी बी0ए0 प्रथम वर्ष में दूसरा तथा अनुष्का यादव बी0ए0 प्रथम वर्ष में तीसरा स्थान पर प्राप्त किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के पुस्तकालय लिपिक पद से सेवानिवृत हुए सीताराम यादव को प्रबंधन तंत्र की ओर से अंगवस्त्र व ₹5100 की धनराशि भेंट कर सम्मानित किया गया, वहीं शिक्षकों व कर्मचारियों की ओर से उन्हें डबल बेड का कंबल भेंट कर सम्मानित किया गया। 

कार्यक्रम का संचालन हिंदी के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ रामफेर ने किया।कार्यक्रम में महाविद्यालय के कोषाध्यक्ष चितरंजन सिंह यादव, कार्यकारिणी सदस्य वासुदेव प्रसाद ’कुसुमाकर’ महाविद्यालय के मुख्य नियंता संतराम यादव, प्राध्यापक शिव बालक यादव, अनुज कुमार श्रीवास्तव, डॉ0 सुनील आनंद, उमेश चंद यादव, अरविंद कुमार, डॉ0 सुनील कुमार वर्मा, डॉ0 सुनील सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, डॉ0 अर्चना यादव, ज्योति सिंह यादव, शिवांगी, कार्यालय अधीक्षक लक्ष्मीचन्द्र यादव, विजय बहादुर, राम मनोरथ, यतेन्द्र कुमार व कोमल यादव सहित बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

Post a Comment

Previous Post Next Post