ग्राम पठान पुरवा के प्रधान लाल बहादुर सिंह के द्वारा एक गरीब असहाय पर अत्याचार का मामला आया प्रकाश में

  ग्राम पठान पुरवा के प्रधान लाल बहादुर सिंह के द्वारा एक गरीब असहाय पर अत्याचार का मामला आया प्रकाश में

टीवी इंडिया न्यूज़ चैनल से 

 जिला क्राइम रिपोर्टर

 सफीक अहमद की रिपोर्ट


 ग्राम पठान पुरवा के प्रधान लाल बहादुर सिंह के द्वारा एक गरीब असहाय पर  अत्याचार का मामला आया प्रकाश में



 हम आपको बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में एक तरफ कानून का राज्य चल रहा है दूसरी तरफ ग्राम पठान पुरवा के दबंग प्रधान लाल बहादुर सिंह के द्वारा गरीब व्यक्ति जिसकी तस्वीर सामने दिखाई पड़ रही है इसका घर फोर्  का है

 इसको प्रधान ने आज तक एक कॉलोनी तक नहीं दिया जबकि मीडिया के टीम जब पठान पुरवा पहुंची तो मीडिया के टीम के साथ राष्ट्रीय किसान यूनियन के पद अधिकारी मौजूद थे तमाम यूनियन वालों ने एवं पत्रकारों की टीम ने इस चीज का ज्यादा लिया के अगर पानी बरसता होगा तो इस गरीब बाय सहायक को अपने घर में बैठने की भी जगह नहीं मिलती होगी जब गरीब असहाय बच्चों से बात किया गया तो बताया गया कि ग्राम प्रधान लाल बहादुर सिंह के द्वारा जिनके पक्के मकान बने हैं उनको कॉलोनी दे दी जाती है लेकिन हमारे पास बैठने का कोई इंतजाम नहीं है तो हमको आज तक प्रधान के द्वारा कोई कॉलोनी नहीं दी गई है और वहीं पर कोटेदार का मामला एक सामने आया है उसी ग्राम पठान पुरवा के कोटेदार लाल बहादुर सिंह के द्वारा जब राशन कार्ड बनाने की बात कुछ महिलाओं ने कहीं तो कोटेदार अनिल कुमार उर्फ सुधु के द्वारा इस गरीब व्यक्ति से ₹2000 मांगे गए कोटेदार अनिल कुमार नाम बताया कि ₹2000 दो तो तुम्हारा राशन कार्ड बन जाएगा एक तरफ उत्तर प्रदेश शासन इन गरीबों को रहने के लिए पक्का मकान कॉलोनी उपलब्ध करा रही है और दूसरी तरफ इन दबंग प्रधान के द्वारा एक पात्र व्यक्ति जो कॉलोनी पानी का पात्र है उसको कॉलोनी न देकर और राशन कार्ड बनवाने के लिए ₹2000 भी मांगे जा रहे हैं क्या योगी सरकार में यही न्याय व्यवस्था है की एक गरीब तड़प रहा है उसके पास राशन कार्ड नहीं है रहने के लिए मकान नहीं है बरसात के दिनों में उसको प्लास्टिक तंग करके रहना पड़ता है इसका एक मल्हा है जिसे वह गुर्जर बसर कर रहा है क्या इस ग्राम प्रधान के दबंगई पर प्रशासन या शासन उत्तर प्रदेश अपना कानून का शिकंजा नहीं कर सकती जो इस गरीब व्यक्ति को आज तक एक कॉलोनी नहीं दी गई और साथ-साथ में राशन कार्ड के लिए ₹2000 मांगे जाते हैं यह कहां का न्याय व्यवस्था है उसकी एक जमीन को गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है इसके संबंध में उसने तहसील कनेरगंज में प्रार्थना पत्र कई बार दे चुका है लेकिन उसकी कोई न्याय नहीं मिल रहा है कल जब मीडिया की टीम मौके पर पहुंची तो वहां पर इस मौजा के लेखपाल और कानून को भी मौजूद थे उनसे जब मीडिया की टीम ने बात किया तो उन्होंने कहा कि हम नए आए हैं हमको इससे संबंध में कुछ मालूम नहीं है वहां जो किसान नेता मौजूद थे उन लोगों ने तुरंत प्रार्थना पत्र दिलाया और इस गरीब व्यक्ति के मामले का निपटारा करने के लिए एक हफ्ते का टाइम दिया


 अब देखना यह है कि यह खबर वायरल होने के बाद तहसील कर्नलगंज के प्रशासनिक अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं

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