जनपद बाराबंकी
ससुराल में रोज़ाना प्रताड़ना महिला ने की मा. मुख्यमंत्री से शिकायत,
/जिला ब्यूरो चीफ सुनील कुमार/
प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग बाराबंकी।कोतवाली रामसनेहीघाट के दुलहादेपुर निवासी सुनीता तिवारी ने सास-ससुर एवं ससुराल वालों पर बच्चों के साथ मारपीट, धमकियाँ व बेदख़ल करने की कोशिश का आरोप लगाया, पति दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है; प्रशासन से तत्काल सुरक्षा और कानूनी कदम की माँग।
विदित हो कि रामसनेहीघाट के ग्राम दुलहादेपुर की निवासी सुनीता तिवारी ने बताया कि उसके सास-ससुर (सरला व प्रेम तिवारी), देवरानी नीतू, संगीता तिवारी व उनके पुत्रगण मिलकर अक्सर उसको और उसके छोटे बच्चों पर मारपीट करते हैं और जान से मारने की धमकियाँ देते हैं। पति हरीश तिवारी दिल्ली में मजदूरी के लिए दूर होने के कारण परिवार आर्थिक व भावनात्मक रूप से बदहाल है। सुनीता ने बताया कि खेत की पैदावार और घर की जमीन के हिस्से से भी उन्हें भी वंचित रखा जाता है, जिससे पूरा परिवार मुश्किल में आ गया है। सूत्रों के अनुसार 2 और 3 नवम्बर 2025 को घर में मारपीट के बाद महिला ने 112 डायल कर पुलिस को बुलाया; पुलिस मौके पर पहुँचकर दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर लौटा दी। इसके बाद ससुराल पक्ष ने धमकी दी कि वे फर्जी बैनामा कर घर से बाहर कर देंगे जिससे महिला और उसके बच्चों के जीवन पर संकट मंडरा रहा है।सुनीता ने चेतावनी देते हुए कहा, “अब हम रोज़ बच्चों के साथ मार खा रहे हैं, पुलिस कॉल करने पर बताकर भेज देते हैं हमें न्याय चाहिए, हमें और हमारे बच्चों को सुरक्षित रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है।”
महिला की माँग और शिकायत:
सुनीता ने अपने आवेदनों के माध्यम से मांग की है कि ससुराल पर मारपीट, धमकियाँ व बदसलूकी के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने दिल्ली में रहने वाले पति की गैरमौजूदगी के कारण सुरक्षा और आर्थिक मदद की व्यवस्था की मांग की है।
महिला ने मुख्यमंत्री को भी लिखित प्रार्थना पत्र भेज कर प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई और आश्रय/राशन जैसी राहत उपलब्ध कराए जाने की अपील की है।
स्थानीय स्थिति व प्रशासनिक जिम्मेदारी:
स्थानीय लोग कहते हैं कि मामले की गम्भीरता को देखते हुए थाना बदौसराय/रामसनेहीघाट प्रशासन को त्वरित जांच कर, पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। पुलिस को आवश्यक साक्ष्यों के साथ एफ आई आर दर्ज कर घरेलू उत्पीड़न व धमकी के मद्देनज़र ठोस कदम उठाने चाहिए। अगर जमीन-हक़ से जुड़ी कोई गड़बड़ी है तो राजस्व अधिकारियों से भी मिलकर सत्यता की जांच कराई जानी चाहिए। पीड़ित की अपील प्रशासन जागे,थाना प्रभारी और जिला महिला आयोग से आग्रह करती हैं कि वे इस शिकायत की गंभीरता से जांच करें, पीड़िता को तत्काल सुरक्षा व आश्रय उपलब्ध कराया जाए और अगर आवश्यक हो तो अदालत की पाबंदी/निरुद्ध आदेश भी जल्द जारी किया जाए ताकि महिला और उसके बच्चों की ज़िन्दगी पर मंडराती अनिश्चयता दूर हो।
