क़ारी ज़ुबैर अहमद क़ासमी अध्यक्ष और मौलाना मोहम्मद इनायतुल्लाह क़ासमी महासचिव बनाए गए

 जमीयत उलमा बहराइच का चुनाव 

क़ारी ज़ुबैर अहमद क़ासमी अध्यक्ष और मौलाना मोहम्मद इनायतुल्लाह क़ासमी महासचिव बनाए गए

रिपोर्ट/- अहमद हुसैन 

जमीयत उलमा ज़िला बहराइच की एक महत्वपूर्ण चुनावी बैठक गुरुवार, 28 अगस्त 2025 को प्रातः 9 बजे प्रोफेसर सैयद मुहम्मद नोमान शाहजहाँ पुरी, उपाध्यक्ष जमीयत उलमा उत्तर प्रदेश (जिन्हें प्रांतीय जमीयत द्वारा पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था), जामिया अरबिया मसूदिया नूरुल उलूम में बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुई। मौलाना मुहम्मद इनायतुल्लाह क़ासमी ने पिछले कार्यकाल की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया।


इस अवसर पर प्रोफ़ेसर सैयद मुहम्मद नोमान शाहजहाँ पुरी ने कहा कि अगर हम इतिहास पर नज़र डालें कि कैसे हमारे उलमा ने मुस्लिम लोगों के साथ मिलकर स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया, तो हम उनके बलिदानों की सराहना कर सकते हैं और करनी भी चाहिए। अगर हम अपने इतिहास से जुड़े नहीं रहेंगे, तो हम धीरे-धीरे इतिहास के पन्नों से गायब हो जाएँगे। जो राष्ट्र इतिहास के पन्नों से गायब हो जाता है, वह अपने ही राष्ट्र में अपनी प्रतिष्ठा खो देता है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि हम इस इतिहास का ज़िक्र आने वाली पीढ़ियों को करते रहें और सिर्फ़ यह न बताएँ कि हमने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था, बल्कि अपनी पीढ़ियों को देश और राष्ट्र की सेवा के लिए तैयार करें, चाहे कितनी भी ज़रूरत क्यों न हो, किसी भी शक्ति के आगे सिर न झुकाएँ और अल्लाह के साथ अपना रिश्ता मज़बूत रखें। उन्होंने कहा कि जमीयत के इतिहास को सकारात्मक तरीके से बयान करना समय की माँग है। हमें अपने अधिकारों को प्राप्त करने के लिए सकारात्मक तरीके से कार्रवाई करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। आज भी, हमारे अस्सी प्रतिशत भाई-बहन किसी भी तरह के पीड़ित नहीं हैं। हम एक प्रतिशत वर्ग के शिकार बन गए हैं। सद्भावना के कार्यक्रमों के माध्यम से उनके मन को साफ़ करना हम सभी की ज़िम्मेदारी है।


इसके बाद अगले कार्यकाल के लिए नया चुनाव हुआ, जिसमें मौलाना क़ारी ज़ुबैर अहमद क़ासमी को सर्वसम्मति से अध्यक्ष और मौलाना मुहम्मद इनायतुल्लाह क़ासमी को महासचिव चुना गया। जबकि मौलाना सलाहुद्दीन मज़ाहिरी, मौलाना मुफ्ती इश्तियाक़ अहमद क़ासमी, उपाध्यक्ष, हाजी क़मर अहमद तहसील सदर, मौलाना मुहम्मद खालिद क़ासमी तहसील कैसरगंज, मौलाना मुफ्ती अब्दुल मतीन क़ासमी नानपारा तहसील, मौलाना मुहम्मद सईद क़ासमी तहसील महसी, मौलाना अमीर अहमद क़ासमी तहसील पयागापुर, मौलाना इजहारुद्दीन मजाहिरी तहसील मिहींपुरवा सचिव और मौलाना मुहम्मद हारून क़ासमी को कोषाध्यक्ष चुना गया।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष मौलाना क़ारी ज़ुबैर अहमद क़ासमी ने अपने संबोधन में कहा कि अल्लाह ने हमें अपनी मखलूक की खिदमत का मौक़ा दिया है, हमें इसकी कद्र करनी चाहिए और अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में हमें अक्सर मग़फ़िरत की दुआ मांगनी चाहिए और अपने बच्चों की तालीम व तरबियत पर ख़ास ध्यान देना चाहिए। अध्यक्ष ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई दी और उन्हें दृढ़ निश्चय के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। 

इसके अलावा हाफ़िज़ मो० सईद अख़्तर नूरी सचिव जमीयत उलमा उत्तर प्रदेश, मौलाना मुफ्ती इश्तियाक़ अहमद क़ासमी, मौलाना मुफ्ती अब्दुल वहीद क़ासमी ने भी प्रोग्राम को सम्बोधित किया।

प्रबंध समिति की बैठक में मौलाना मुफ्ती ज़िक्रुल्लाह क़ासमी व मौलाना हफीजुर्रहमान मजाहिरी के निधन पर शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस मौक़े पर सभी तहसीलों, इकाइयों और क्षेत्रीय जमीयत के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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