जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उर्वरक समिति जिला स्तरीय बैठक संपन्न

 *जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उर्वरक समिति जिला स्तरीय बैठक संपन्न*


*उर्वरक के साथ किसी अन्य उत्पाद की न की जाए टैंगिंग - जिलाधिकारी*


*बलवान सिंह ब्यूरो चीफ बाराबंकी* 


  खरीफ फसलों की बुवाई/रोपाई के दृष्टिगत जिलाधिकारी  बाराबंकी की अध्यक्षता मे जिला स्तरीय उर्वरक समिति की बैठक आहूत की गयी ।



बैठक में कृषि, सहकारिता, पी0सी0एफ0, इफको, कृभकों के अधिकारियों के साथ-साथ समस्त उर्वरक प्रदायकर्ता कम्पनियों के प्रतिनिधि एवं समस्त थोक उर्वरक विक्रेता/डीलर्स उपस्थित रहें। 

बैठक में जिला कृषि अधिकारी, बाराबंकी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में यूरिया के कुल लक्ष्य 109473 मी0टन के सापेक्ष 79595 मी0टन डी0ए0पी0 के कुल लक्ष्य 22069 मी0टन के सापेक्ष 19623 मी0टन, एन0पी0के0 के कुल लक्ष्य 28740 मी0टन के सापेक्ष 20291 मी0टन तथा एम0ओ0पी0 के कुल लक्ष्य 3920 मी0टन के सापेक्ष 5839 मी0टन उर्वरक की उपलब्धता हुई है, जिसमें से अब तक 47658 मी0टन यूरिया, 10658 मी0टन डी0ए0पी0, 7459 मी0टन एन0पी0के0 तथा 1837 मी0टन एम0ओ0पी0 का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में यूरिया 31937 मी0टन, डी0ए0पी 8965 मी0टन, एन0पी0के0 12832 मी0टन, एम0ओ0पी0 3997 मी0टन उपलब्ध है। 


सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता, बाराबंकी द्वारा अवगत कराया गया कि सभी समितियों पर उर्वरक उपलब्ध है तथा जिन समितियों पर 05 मी0टन से कम उर्वरक पायी जाती है, अथवा समाप्त हो जाती है, वहां प्राथमिकता पर उर्वरक प्रेषित करायी जा रही है। जिलाधिकारी महोदय, बाराबंकी द्वारा निर्देशित किया गया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार सभी समितियां अनिवार्य रूप से खुले। 


जिलाधिकारी  द्वारा समस्त उर्वरक प्रदायकर्ता कम्पनियों एवं थोक उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिये गये कि कोई भी कम्पनी किसी भी उर्वरक के साथ कम्पनी के अन्य उत्पादों की किसी भी दशा में टैगिंग कर आपूर्ति/बिक्री नहीं करेगें तथा थोक उर्वरक विक्रेता भी यह सुनिश्चित करें कि उनके द्वारा किसी भी फुटकर विक्रेताओं को उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग कर अथवा निर्धारित दर से अधिक दर पर कदापि उर्वरक आपूर्ति/बिक्री न किया जाए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक भण्डारण/जमाखोरी उर्वरकों की न होने पाये।


  समस्त उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया गया कि कृषकों को उनकी जोत/कृषित भूमि के आधार पर व फसल की संस्तुति/निर्धारित मानक के अनुसार ही उर्वरक कृषकों को बिना किसी टैगिंग के पी0ओ0एस0 मशीन से निर्धारित मूल्य पर बिक्री किया जाए। बिक्री रजिस्टर में कृषक का नाम, पता, मो0नं0, आधार नं0 एवं किस फसल में उर्वरक प्रयोग हेतु क्रय की गयी तथा कितनी भूमि है, के साथ-साथ बिक्रीत मात्रा एवं प्राप्त की गयी धनराशि का स्पष्ट उल्लेख करते हुए बिक्री रजिस्टर में कृषकों के हस्ताक्षर भी कराये जाए तथा बिक्री/स्टाक रजिस्टर अद्यतन पूर्ण रखा जाए।


  जिलाधिकारी  द्वारा उप जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों की गठित टीम से सम्बन्धित समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आवंटित क्षेत्र में लगातार भ्रमण सील रहकर उर्वरक बिक्री केन्द्रों का सघन निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कराये कि किसी भी दशा में कोई भी विक्रेता किसी भी उर्वरक के साथ कोई भी अन्य उत्पाद की टैगिंग न करे तथा कृषकों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक प्राप्त हो। जांच के दौरान पी0ओ0एस0 मशीन से एवं विक्रेता के प्रतिष्ठान में उपलब्ध उर्वरक का भौतिक सत्यापन किया जाए एवं बिक्री रजिस्टर के अनुसार कृषकों से भी सम्पर्क कर उनके द्वारा प्राप्त की गयी उर्वरक की मात्रा एवं किस दर पर उर्वरक प्राप्त की गयी है की भी जांच सुनिश्चित करें। यदि किसी स्तर पर निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री अथवा उर्वरक के साथ टैगिंग की पुष्टि पायी जाए तो तत्काल सम्बन्धित के विरूद्ध उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

   कृषकों से अपील की गयी कि अपनी कृषित भूमि एवं फसल की संस्तुति/आवश्यकता के अनुरूप पी0ओ0एस0 मशीन से ही उर्वरक प्राप्त करें तथा उसकी रसीद अवश्य ले। यदि कोई विक्रेता अधिक दर पर उर्वरक उपलब्ध कराये अथवा किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग करें, अथवा रसीद न दे तो उसकी तत्काल जनपद स्तर पर स्थापित उर्वरक कन्ट्रोल रूम नं0 9116295764 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है।

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