जिलाधिकारी ने की चकबंदी कार्यों की समीक्षा, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
*5 वर्ष से अधिक पुराने लंबित वादों पर जताई नाराजगी*
*बलवान सिंह ब्यूरो चीफ बाराबंकी*
कलेक्ट्रेट स्थित लोक सभागार में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में चकबंदी विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने जनपद में चकबंदी के प्रगति कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों से अद्यतन जानकारी प्राप्त की। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने अवगत कराया कि प्रथम चक्र की चकबंदी प्रक्रिया वर्तमान में जनपद के 6 ग्रामों में एवं द्वितीय चक्र की प्रक्रिया 35 ग्रामों में संचालित है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चकबंदी की प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी न खींचे जाए। जिन ग्रामों में कार्य गतिमान है, वहां निर्धारित समयसीमा के भीतर चकबंदी की समस्त प्रक्रियाएं पूर्ण की जाएं। उन्होंने ग्राम बछराजमऊ, बबुवापुर, सलेमाबाद, ओदार, बहरौली, खुज्जी, कुडीन एवं खण्डसरा सहित अन्य ग्रामों में धारा 24 (कब्जा परिवर्तन) के अंतर्गत लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि एक सप्ताह के भीतर सभी ग्रामों में कब्जा परिवर्तन की कार्रवाई पूर्ण की जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने चकबंदी न्यायालयों में लंबित आपत्तियों, अपीलों एवं निगरानियों की वर्षवार समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक पीठासीन अधिकारी से उनके न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राजस्व वादों के निस्तारण में जनपद ने उल्लेखनीय प्रगति की है, उसी तर्ज पर चकबंदी वादों के निस्तारण में भी तेजी लाई जाए।विशेष रूप से 3 वर्ष एवं 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित वादों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो कार्ययोजना प्रस्तुत की गई है, उसके अनुरूप हर हाल में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी संजय कुमार विश्वास, चकबंदी अधिकारी श्री बी.के. मिश्रा, सुरेश कुमार शर्मा, सहायक चकबंदी अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
