मदरसा अशरफिया बह्रुल उलूम मिश्रौलिया बनकटी में विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस मनाया गया
मिश्रौलिया बनकटी, 18 दिसंबर:
मदरसा अशरफिया बह्रुल उलूम मिश्रौलिया बनकटी में विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस सादगी और उत्साह के साथ मनाया गया। यह दिवस 1992 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा अल्पसंख्यकों के अधिकारों से संबंधित घोषणा की याद में मनाया जाता है।
इस मौके पर मदरसा में एक कार्यक्रम हुआ, जिसमें मदरसा के सभी शिक्षक, प्रबंधन और छात्र मौजूद रहे। कार्यक्रम में मौलाना मेराज हुसैन अशरफी (प्रबंधक ) भी शामिल हुए।
अल्पसंख्यक अधिकारों पर मुख्य बात मौलाना मोहम्मद अय्यूब मिसबाही ने रखी। उन्होंने बताया कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहाँ चुनाव बहुमत से होते हैं, लेकिन अल्पसंख्यकों के साथ अन्याय न हो, इसके लिए उन्हें कई अधिकार दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को धर्म की आज़ादी, पढ़ाई का अधिकार, अपनी बात कहने का अधिकार और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार मिलता है।
कार्यक्रम का पूरा प्रबंध मौलाना जमाल अहमद रिज़वी, प्रधानाचार्य मदरसा ने किया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए पुरस्कार भी दिए गए।
वक्ताओं ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में जागरूकता, आपसी भाईचारा और सम्मान पैदा करते हैं।


