उम्मीद पोर्टल की सुस्त रफ़्तार से वक्फ़ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन पर संकट

 उम्मीद पोर्टल की सुस्त रफ़्तार से वक्फ़ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन पर संकट


रिपोर्ट/- सैयद मोहम्मद मुस्ताक अली स्टेट क्राइम ब्यूरो चीफ टी वी इंडियन न्यूज़ अभी तक सुपरफास्ट  दैनिक हिंदी समाचार पत्र


उम्मीद पोर्टल की सुस्त रफ़्तार से वक्फ़ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन पर संकट


अंतिम तिथि 5 दिसंबर — सुप्रीम कोर्ट द्वारा बढ़ोतरी से साफ़ इंकार के बाद वक्फ़ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन के लिए बनाए गए “उम्मीद पोर्टल” की गति पिछले कुछ दिनों से अत्यंत धीमी हो गई है, जिसके कारण देशभर में अपलोडिंग का काम गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। उपयोगकर्ताओं का कहना है कि पोर्टल पर 10–12 घंटे में भी एक फ़ाइल अपलोड नहीं हो पा रही। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि नज़दीक आते-आते यह समस्या और भी चिंताजनक हो गई है।



कोर्ट ने रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाने से किया इंकार

जैसा कि सर्वविदित है, विभिन्न संगठनों, जिनमें जमीयत उलेमा-ए-हिंद भी शामिल है, के प्रयासों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ़ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि (5 दिसंबर 2025) को आगे बढ़ाने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। कोर्ट के इस रुख़ के बाद अब सभी वक्फ़ संस्थाओं के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर अपलोडिंग पूरा करना अनिवार्य हो गया है।


तकनीकी बाधाओं ने बढ़ाई चिंता

कई मुतवल्लियों और वक्फ़ प्रशासनिक समितियों ने शिकायत की है कि पोर्टल की सुस्ती और तकनीकी त्रुटियों के कारण कार्य लगभग ठप हो गया है। उपयोगकर्ताओं का कहना है कि अपलोडिंग प्रक्रिया बार-बार रुक जाती है और कई बार आवेदन सबमिट ही नहीं होता।


यदि निर्धारित समय सीमा तक रजिस्ट्रेशन पूरा न हो पाया, तो संबंधित पक्षों को मामला वक्फ़ ट्रिब्यूनल में ले जाना पड़ेगा, जो एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया मानी जाती है।


केंद्रीय अपील: समय रहते अपलोड पूरा करें

संबंधित संस्थाओं ने सभी मुतवल्लियों, प्रशासनिक समितियों और जिम्मेदार व्यक्तियों से अपील की है कि वे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को प्राथमिकता देते हुए यथाशीघ्र पोर्टल पर जानकारी अपलोड करें।


तकनीकी समस्याएँ आएँ तो तुरंत भेजें ईमेल

यदि पोर्टल की खराबी के कारण अपलोडिंग संभव नहीं हो पाती, तो संबंधित व्यक्ति निम्न ईमेल पते पर तुरंत सूचना भेजें:


शिकायत ईमेल में निम्न विवरण अनिवार्य रूप से शामिल करने की सलाह दी गई है:


पोर्तल पर दिखाई देने वाली तकनीकी समस्या का पूरा विवरण


वह मोबाइल नंबर जिससे अपलोड किया जा रहा है


संबंधित आवेदन संख्या


त्रुटि के स्क्रीनशॉट या वीडियो (यदि संभव हो)



साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि किसी पुरानी समस्या के बाद कोई नई तकनीकी खराबी सामने आती है, तो उसका भी रिकॉर्ड बनाकर ईमेल के माध्यम से भेजा जाए। भविष्य में प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए ये दस्तावेज़ अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।


समय कम, दबाव अधिक

अंतिम तिथि केवल कुछ दिनों की दूरी पर है, ऐसे में वक्फ़ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन को लेकर चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं। संबंधित संगठनों ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही आगे गंभीर कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियाँ खड़ी कर सकती है।

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