15 किमी0 दूर से महज कागजों पर हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन

15 किमी0 दूर से महज कागजों पर हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन


नन्हे बच्चों के भविष्य को गर्त में धकेलने वालों पर कब चलेगा प्रशासन का चाबुक


रिपोर्ट/- असलम खान 


स्वतंत्र भारत नानपारा बहराइच आंगनबाड़ी केंद्र का नहीं हो रहा संचालन,15 किमी दूर रहकर कागजो पर नौकरी कर प्रशासन को कर रहे गुमराह।



खबर है कि जनपद बहराइच के तहसील नानपारा विकासखंड शिवपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर धोबिया हार में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा एक भी केंद्र संचालित नहीं किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकत्री आभा देवी व अरुण द्विवेदी महज रामपुर धोबिया से कागजों पर नौकरी करती हैं, जबकि मूलत: नानपारा में रहते हैं। प्रशासन को गुमराह करने के उद्देश्य से कभी कभी नानपारा से रामपुर आकर महज कागजात कंप्लीट कर वापस चले जाते हैं। केंद्र ना लगने से नवनिहालों का भविष्य गर्त में तो जा ही रहा है वहीं डबल इंजन सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भी पलीता लगा रहे हैं ऐसे कार्मिक। केंद्र क्यों नहीं लग रहा है इस संबंध में जब आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पति रत्नाकर द्विवेदी से बात की गई तो वह भड़क उठे उन्होंने कहा है जो करना है कर लीजिए, हम ना कभी केंद्र लगाए हैं ना लगाएंगे, मेरी ऊपर तक पावर है तथा संबंधितों को माल खिलाते हैं। हमें परेशान करोगे तो मुकदमा लिखवा देंगे। अब सवाल यह उठता है कि क्या गांधी छाप के बदौलत 15 किलोमीटर दूर रहकर कर रहे हैं यह नौकरी? ऐसे मे क्यों कर लगे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का केंद्र। 0 से 3 वर्ष और तीन से पांच वर्ष तक के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे ऐसे आंगनबाड़ी कार्यकत्री। सूत्रों से पता चला कि मानक पात्र बच्चों को पुष्टाहार भी नहीं मिलता है।

     इस संबंध में जब सीडीपीओ रामसूरत मौर्या को दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। क्या सीडीपीओ की भी है संलिप्तता? 

अब देखना यह है क्या प्रशासन को गुमराह कर कागजों पर नौकरी करने वालों की विरुद्ध होगी कार्यवाही या ऐसे ही नन्हे मुन्ने बच्चों के भविष्य के साथ खेलते रहेंगे ऐसे कर्मिक!

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